होल मिल्क से जुड़े तथ्य और आशंकाएँ

  • Post category:PARAS MILK

आज की दुनिया में यदि हम सबसे अधिक किसी पे विचार करते हैं तो वो है हमारा आहार | अनेक प्रकार की बीमारियों ने जब जगत को घेर रखा है, ऐसे में हमारा चिंता करना स्वाभाविक ही है | हम हर खाद्य पदार्थ से वसा, चिकनाहट यानि आसान शब्दों में कहें तो फैट्स निकाल बाहर करना चाहते हैं | क्या सच में हर तरह का फैट्स हमारे लिए विष के समान है ? लोगों को होल मिल्क को लेकर निम्नलिखित संदेह व भय बना रहता है : –

1. आपकी आशंका :

होल मिल्क में पाए जाने वाला फैट्स कॉलेस्ट्रॉल यानि पित्त सांद्रव को बढ़ाता है और इससे हृदय रोग की संभावना तेज़ी से बढ़ जाती है |

 

तथ्य : अभी तक जितने भी हमें नतीजे मिले हैं वैज्ञानिक उसे असंगत घोषित कर चुके हैं | ऐसा कोई भी ठोस प्रमाण नहीं मिला है जो हृदय रोग को सीधा डेरी पदार्थों जैसे होल मिल्क से जोड़ता हो |

 

2.  आपकी आशंका :

होल मिल्क से शरीर का वज़न बढ़ता है और यह मोटापे का कारण होने के साथ साथ अनेक बीमारियाँ का भी स्रोत है |

 

तथ्य : यूरोपियन जर्नल फॉर न्यूट्रीशन का यह अवलोकन है की होल मिल्क का वज़न बढ़ने से कोई संबंध नहीं है | उल्टा पच्चीस में से अट्ठारह लोग जिनपे यह अध्ययन किया गया था वो वसायुक्त दूध ही पीते हैं और उन में मोटापे की समस्या नहीं पाई गई | मोटापा बढ़ने के कई कारण होते हैं जैसे व्यायाम न करना, फास्ट फूड का अत्याधिक सेवन और ग्रंथिरस के असामान्य स्राव |

 

3. आपकी आशंका :

होल मिल्क का सेवन लाभ से अधिक हानि करता है और अपच पैदा करता है |

 

तथ्य : वर्षों से हमारे पूर्वज गाय का शुद्ध दूध का ही सेवन करते आ रहे हैं | हम ऐसा पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि वो हमसे अधिक शारीरिक श्रम करने में सक्षम थे और हमसे अधिक आयु तक एक स्वस्थ जीवन व्यतीत करते थे | उनके खानेपीने का दूध एक अभिन्न अंग था | ठोस वैज्ञानिक प्रमाणों के अभाव में इतना बड़ा दावा करना मूर्खता है | दूध में हर तरह का पोषण पाया जाता है | और फैट्स की हमारे शरीर को उतनी ही आवश्यकता है जितनी प्रोटीन की है | पूरी तरह से दूध और अन्य दूध से बनने वाले खाद्य पदार्थों का त्याग कर देने से शरीर में अनेक रोग स्थान बना सकते हैं | कैलशियम, विटामिन और मिनरल जैसे फॉसफोरस तथा मैगनीशियम का स्रोत होने के कारण होल मिल्क (शुद्ध दूध) हमें हर प्रकार का पोषण देने में सक्षम है | इतना ही नहीं कई अध्ययन इस नतीजे पर पहुँचे हैं कि होल मिल्क और अलग अलग डेरी उत्पाद मधुमेह, कैंसर, और हीट स्ट्रोक, आदि से हैमें बचते हैं |

 

बिना किसी निर्णयात्मक और तर्कयुक्त वैज्ञानिक खोज के कुछ भटकाने वाले माध्यम हमें सच से अनभिज्ञ रखना चाहते हैं | इसमें उनका आर्थिक, राजनीतिक, आदि स्वार्थ भी सम्मिलित हो सकता है | किसी का भी सेवन सीमा से बाहर करेंगे तो उसका नकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित है | लेकिन किसी का पूरी तरह से त्याग करना भी सही नहीं है | शुद्ध वसायुक्त दूध आपको रोगमुक्त भी रखता है और शक्तिशाली भी बनाता है | बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से इसका सेवन करना चाहिए |